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Saturday, March 10, 2007

Untitled !

राहे है वही,
अंधेरा कहि नही,
रोशनी लाया है कोई,
खुबसुरत सुबह लेके आया है कोई,
हा शायद सपनोसे मेरे,
आया है कोई.

खुशियोंका तोहफा लाया है कोई,
तनहाई मेरी मिटाने,
चाहत दिल मे लिये आया है कोई,
सपने मेरे सजाने,
हा शायद सपनोसे मेरे,
आया है कोई.

- मदन (madan)

Friday, December 8, 2006

Untitled !

रात हो या सवेरा,
उसने मुझे बार बार पुकारा,
न जाने क्यु लगा मुझे,
मिलने से पहेले कहि वो खो गया ।

तनहाई मे कोई साथ था जरुर,
हर बार जब तडपा,
किसीका सहारा था जरुर,
बातो पे मेरी कोई मुस्कुराया तो था ।

अधेरे मे रोशनी नजर आई तो सही,
उलछी राहो मे मजिल नजर आई तो सही,
बिछ्डे कई आज मिले मुझसे,
न जाने क्यु लगा मुझे,
मिलने से पहेले कहि वो खो गया ।

कुछ अनजाने अपने से आज लग रहे है,
दुश्मन भी आज मुझसे मुस्कुराके मिले,
मुश्किलो से नही डर आज कल मुझे,
सुबह का इतजार आजकल है मुझे,
फिर न जाने क्यु लगा मुझे,
मिलने से पहेले कहि वो खो गया ।

- मदन(Madan)

Sunday, December 3, 2006

I need you

There are times when everything is messed up,
even moon start burning you,
There are times when everything goes wrong,
even a single word can make you cry,
There times when nothing is sure,
n' all your efforts lead you from one disaster to another,

These are the times I need you
These are the times I want to hold you,
These are the times I want you to be with me,
If you are there with me,

I promise you, I will win...

-Madan

नसीब

जीवन के पथ पर अकेला चल रहा था,
ना कोई दोस्त था, ना कोई दुश्मन,
ना कोई चाह थी, ना कोई उमंग,
ना कोई गम था, ना हि कोई खुशी,
नसीब हि अपना कुछ ऐसा था ॥

तुमसे जो नजरे मिली थी,
दुनिया मेरी बदल गयी थी,
मन मे कई उमंगे थी, दिल मे तेरी चाह थी,
तुम्हार दीदार मेरी खुशी तो जुदाई मेरा गम था,
नसीब हि अपना कुछ ऎसा था ॥

मन कि उमंगो ने, दिल कि चाह ने
जब बेकरार किया था,
तुमसे अपने प्यार का ईजहार मैने किया था,
इन्कार ने तुम्हारे,
मुझे फिर से अकेला कर दिया था,
फिर भी यांदो के सहारे मै जी रहा था,
नसीब हि अपना कुछ ऎसा था ॥

तेरि यांदे दिल मे आज भी है,
मन मे उमंगे ना सही, दिल मे तेरि चाह आज भी है,
तुम्हारे दिदार के लिए तडपति ये रुह मेरी आज भी है,
नसीब हि अपना कुछ ऐसा आज भी है ॥

- मदन(Madan)

Friday, December 1, 2006

Seven Twenty

It’s seven twenty in the morning
n’ they say I will be happy,
I don't know, they are right or wrong,
But something happens at seven twenty,
n’ that's for sure

Every morning, It will be seven twenty,
I am confused,
I don't know what it will be like,
There she comes at seven twenty,
I feel, I don't have any sense, any problem,
n’ they are still saying,
I will be happy at seven twenty

Then comes the moment,
She has to get down,
n’ I feel I don't have any sense,
n’ the life is dark,
but they say, I will be happy at seven twenty

Now it’s late in the night,
I am alone I am confused,
I am happy, I am bitter
Then I feel,
I will be happy at seven twenty

- Madan

Tuesday, November 28, 2006

कभी युंहि

कभी युंहि दिल तडपता है
दिदार के लिए उनके तरसता है,
आती है जब भी यांदे उनकि,
हर लम्हा थम सा जाता है,
मनमे विरानसी खामोशी होती है,
बंद पलको पे एक चहेरा खिलता है,
बस एक उनका चहेरा नजर आता है
कभी शरमाता हुआ तो कभी मुस्कुराता हुआ
हमेशा की तरहा हमे तडपता हुआ


कभी युंहि दिल तडपता है
दिदार के लिए उनके तरसता है .........

- मदन(Madan)

याद है मुझे आज भी

याद है मुझे आज भी,
पहेले तो मैने तुम्हे कई बार देखा था,
पर उस दिन तुम्हे देखके,
दिल बेचैन हो उठाथा,
मै समझ नहि पा रहा था ये क्या हुआ है मेझे,
फिर मैने जाना तुमसे प्यार हुआ है मुझे ॥

याद है मुझे आज भी,
कभी कॉलेज, तो कभी दोस्तोसे मिलने के बहाने,
घर से निकलकर, उस पेड के निचे,
तुम्हारे दिदार के लिए, वो घंटो बैठना ॥

याद है मुझे आज भी,
वो तुम्हारा मुस्कुराना,
सहेलियोसे बात करते हुए,
वो तिरछी निगांहोसे देखना ॥

याद है मुझे आज भी,
उस दिन प्यार के जुनुन मे,
तुमसे अप्ने प्यार क इजहार करना,
तुम्हारा वो अनंजान निगाहोसे देखना,
और चले जाना .......

याद है मुझे,
आज तक तकता हु उन राहों को,
जहासे तुम हमे छोड गये थे,
इतंजार मे तुम्हारे ........


- मदन(Madan)

Monday, November 27, 2006

खामोशी

खामोश है जिन्दगी,
सुनता हु कभी कुछ खामोश बातें,
आंखो मे लिये सपने कई,
चला जाता हु, करके कुछ खामोश बातें ॥

दुर कहि चांद है,
आज कल ओ भी, कुछ खामोश है,
करता है ओ भी कभी कुछ खामोश बातें ॥

हरदिन तनहाई मेरी कहती है मुझसे,
उदास शामोमे मेरी वो एक दोस्त है ॥

सुनता हु कुछ खामोशी से,
सहेता हु कुछ खामोशी से,
तनहाई मेरी कहेती है मुझसे,
युना दिन गुजार खामोशीसे ॥

- मदन(Madan)

Thursday, November 23, 2006

इंतजार

है आज फ़िर उसका इंतजार,

जिसने दिखये थे ख्वॉब मुझे,

आज फ़िर उसका है इंतजार,

जिसने साथ रहेनेके किये थे वादे.

शायद जुदा होने के लिये हि

मिलते है लोग,

जुद होके क्या कभी

मिलते है लोग

दो दिन कि वो मुलकत थी,

सालो कि पहेचान लगती थी,

इस दिल कि सारी बाते मैने उससे कही थी,

अंधेरे जीवन मे,

रोशनी सी दिखाई दे रही थी,

खुशिंयोसे सारी फ़िजा महेक रही थी.

अचानक एक दिन
वो कहि खो गया,
तुमसे नही मिलेंगे कभी,

न जाने ऐसा क्यों कहे गया


शायद जुदा होने के लिये हि

मिलते है लोग,

जुद होके क्या कभी

मिलते है लोग


आंखो से दुर आज कल वो होता नही,

उसकी बाते दिल से दुर जाती नही,

मिले हमसे वो इक बार,

यहि बात दिल मे है,


बस इसलिये,

है आज फ़िर उसका इंतजार

- मदन